shero shayari dosti - जब लफ्ज़ थक गए तो फिर आँखों ने बात की,जो आँखें भी थक गयीं तो अश्कों से बात हुई।
shero shayari dosti - सुना है तुम ले लेती हो हर बात का बदला,आजमाएंगे कभी तुम्हारे होठो को चूम कर…!!
shero shayari dosti - कैसी मोहब्बत💘 है तेरी महफ़िल में मिले, तो अंजान कह दिया तन्हा🚶‍♂️ जो मिले, तो जान कह दिया…!!
shero shayari dosti - देखा है आज मुझे भी गुस्से की नज़र से, मालूम नहीं आज वो किस-किस से लड़े है| न तेरी शान कम होती न रुतबा ही घटा होता, जो गुस्से में कहा तुमने वही हँस के कहा होता….!!
shero shayari dosti - होंठ कह नहीं सकते जो फ़साना दिल का शायद, नज़र से ही वो बात हो जाएं, इस उम्मीद में करते हैं इंतजार हम रात का कि शायद सपनों में ही मुलाकात हो जाए।
shero shayari dosti - सुनो… तुम कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से… हम तो मोहब्बत बेहिसाब ही करेंगे….!!
shero shayari dosti - बिछड़ के भी वो रोज मिलता है मुझे ख्वाबों में, अगर ये नींद न होती तो कब के मर गए होते।
shero shayari dosti - जो सुरूर है तेरी आँखों में👁️👁️, वो बात कहां मैखाने में🍻, बस तू मिल 👩जाए, तो फिर क्या रखा है ज़माने में🌐…!!