Latest Famous Heart Touching Poetry

Latest Famous Heart Touching Poetry

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Heart touching Poetry Hindi

टूट चूका हूँ, बिखरना बांकी है,बचे कुछ एहसास ,जिनका जाना बांकी है,चंद सांसें है, जिनका आना बांकी है,मौत रोज मेरे , सिरहाने खड़ी हो पूछती है भाई आ जा,अब क्या देखना बांकी है दूरियां इतनी बढ़ जाएंगी, मालूम ना था I

वो बाबू से बेवफा बन जाएंगे, मालूम ना था I हम उनके लिए पागल हो जाएंगे मालूम ना था I जो अपना चेहरा, हमारी आँखों में देखते थे I वो आईना , बदल लेंगे मालूम ना था I ऐसे बरसेगी उसकी यादें,सन्नाटे में मालूम ना था I दूरियां इतनी बढ़,जाएंगी मालूम ना था…!!

लिख देता हूं अपने जज्बातों को कविता में,हर बात बोल के बताऊं जरूरी तो नहीं।

माना मुझसे भी होती है गलतियां,पर तुम्हारी गलतियों पर भी मै ही मनाऊ जरूरी तो नहीं।

बहुत वक्त हो गया है तुमसे बात किए शायद भूल चुके हो अब मुझे,पर मै भी तुम्हे भूल जाऊ जरूरी तो नहीं।

तुम क्यों नहीं समझते बेइंतहा मोहब्बत है तुमसे,पर हर वक्त प्यार जताऊ जरूरी तो नहीं।

बहुत किया था तुमने भी मोहब्बत हमसे,पर हमारी इश्क़ की कहानियां सबको सुनाऊ जरूरी तो नहीं।

मै जानता हूं अब खुश हो किसी और के साथ,पर मै भी तुम्हारी जगह किसी और को लाऊ जरूरी तो नहीं ।


दिन-बदिन,तेरी आदत मुझको लगाए जा रहा है,तुझे पाया नहीं अबतक,तुझे खोने का डर सताए जा रहा है।

मेरे हाथों से छीनकर,अपने हिसाब से जिंदगी चलाए जा रहा है,तेरे आने से,दिल मेरा, अब उसको भुलाए जा रहा है।

कुछ हुआ है अलग,तेरे आने से, बताए जा रहा है,एक बार फिर से,मुझको जीना, सिखाए जा रहा है।


बोलने के बजाय कभी अपने दिल से ही पूछना बेहतर रेहता है कि वे खास पल में जहाँ लफ़्ज़ों के तीर चलते है वहाँ तुम्हारे तो खिले हुए फूल कहीं अंदर मुरझा नहीं रहे है!


हाथ थाम कर भी तेरा सहारा न मिला में वो लहर हूँ जिसे किनारा न मिला।

मिल गया मुझे जो कुछ भी चाहा मैंने मिला नहीं तो सिर्फ साथ तुम्हारा न मिला।

वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला मगर जो हम ढूंढ़ रहे थे वो सितारा न मिला ।

कुछ इस तरह से बदली पहर ज़िन्दगी की हमारी फिर जिसको भी पुकारा वो दुबारा न मिला ।

एहसास तो हुआ उसे मगर देर बहुत हो गयी उसने जब ढूँढा तो निशान भी हमारा न मिला ।

टूट सकते हैं मगर हम झुक नहीं सकते सत्य का संघर्ष सत्ता से

न्याय लड़ता निरंकुशता से अंधेरे ने दी चुनौती है..किरण अंतिम अस्त होती है

दीप निष्ठा का लिये निष्कंप वज्र टूटे या उठे भूकंप यह बराबर का नहीं है युद्ध

हम निहत्थे, शत्रु है सन्नद्ध हर तरह के शस्त्र से है सज्ज और पशुबल हो उठा

निर्लज्ज किन्तु फिर भी जूझने का प्रण अंगद ने बढ़ाया चरण प्राण-पण से करेंगे

प्रतिकार समर्पण की माँग अस्वीकार दाँव पर सब कुछ लगा है, रुक नहीं कते

टूट सकते हैं मगर हम झुक नहीं सकते….!!

-अटल बिहारी वाजपेयी

Famous Short Poetry Hindi

वो बचपन भी कितना सुहाना था,जिसका रोज एक नया फसाना था ।

 कभी पापा के कंधो का, तो कभी मां के आँचल का सहारा था। 

 कभी बेफिक्रे मिट्टी के खेल का, तो कभी दोस्तो का साथ मस्ताना था । 

कभी नंगे पाँव वो दोड का, तो कभी पतंग ना पकड़ पाने का पछतावा था । 

कभी बिन आँसू रोने का,तो कभी बात मनवाने का बहाना था । 

सच कहूँ तो वो दिन ही हसीन थे, ना कुछ छिपाना और दिल मे जो आए बताना था ।

Latest Poetry Hindi

तेरी इस दुनिया में ये मंज़र क्यों है…कहीं अपनापन तो कहीं पीठ में खंजर क्यों है…सुना है तू हर ज़रे में है रहता,

फिर ज़मीं पर कहीं मस्जिद कहीं मंदिर क्यों है…जब रहने वाले दुनियां के हर बन्दे तेरे हैं,फिर कोई दोस्त तो कोई दुश्मन क्यों है..

तू ही लिखता है हर किसी का मुक़द्दर,फिर कोई बदनसीब, कोई मुक़द्दर का सिक्कंदर क्यों है….!

तू जियेगा जहाँ तक जमाना होगा, फिर से कोई अफसाना होगा, मिलने का नया बहाना होगा, फिर से कोई दीवाना होगा।

इन्ही गलियों मे फिरेगा, डुपट्टा किसी का तुझ पर गिरेगा, फिर किसी गलियों मे हीर राँझा मिलेगा, अपने सूनेपन को फिर से भरेगा, चलेगा जहाँ तक जमाना चलेगा।

मिलने मिलाने का बहाना चलेगा। किसी का किसी को तड़पाना चलेगा। दिल की गस्ती है डूबना भी चलेगा,ख़ामोश दिल है बहकना भी चलेगा।बन्द गलियों मे चहकना भी चलेगा।

है वाट्सएप मोबाइल चलाना भी पड़ेगा।दिन भर सोना रात भर जागना भी पड़ेगा खुद की आरज़ू मे किसी को डुबोना भी पड़ेगा है दिल ये फ़िर से सम्हलना भी पड़ेगा।

दिल की मात फिर से खाना ही पड़ेगा,इश्क़ का फितूर समाज का कर्ज भरना ही पड़ेगा,मोह्बत के अलावा भी किसी ओर का होना ही पड़ेगा,तेरे सिवा भी फ़र्ज़ निभाना पड़ेगा जियेगा दिल ये जहाँ तक जमाना चलेगा।

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